नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 28 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात भगोड़े अपराधी राजिंदर बैरागी उर्फ ‘डॉ. झटका’ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर हरियाणा पुलिस के जवान की हत्या, हत्या के प्रयास और पुलिस हिरासत से हथकड़ी समेत भागने जैसे गंभीर मामलों समेत दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पहचान बदलकर रचाई शादी, बना झोलाछाप डॉक्टर पुलिस से बचने के लिए आरोपी मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले (मुंगावली) में छिपकर रह रहा था। वहां उसने राजिंदर सिंह यादव के नाम से फर्जी पहचान पत्र, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए। 2003 में शादी करने के बाद उसने खुद को झोलाछाप डॉक्टर के रूप में स्थापित कर लिया, जिससे स्थानीय लोग उसे ‘डॉ. झटका’ कहने लगे।
1998 में की थी पुलिसकर्मी की हत्या, 1999 में पुलिस को दिया था चकमा पूछताछ में सामने आया कि पूर्व कबड्डी खिलाड़ी राजिंदर ने 10 मई 1998 को सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान विवाद के बाद अंधाधुंध गोलीबारी कर हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की हत्या कर दी थी। गिरफ्तारी के बाद 14 फरवरी 1999 को जब यूपी पुलिस उसे कोर्ट ले जा रही थी, तब वह गन्नौर रेलवे स्टेशन से हथकड़ी समेत फरार हो गया था। फरारी के दौरान उसने मुंबई के कोलाबा में एक स्कूल में शिक्षक के रूप में भी काम किया।
क्राइम ब्रांच ने ऐसे दबोचा दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (जनकपुरी मामले की जांच) ने सर्विलांस और तकनीकी इनपुट की मदद से मध्य प्रदेश में उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद 5 अगस्त को छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रोहिणी कोर्ट द्वारा 2008 में भगोड़ा घोषित किए गए राजिंदर को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।







