गुरुग्राम- अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने दो ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जो खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को धमकाते थे और उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करते थे। दोनों आरोपियों को 25 नवंबर को सेक्टर-40 स्थित हूडा मार्केट से दबोचा गया। उनके कब्जे से एक मारुति बलेनो कार भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल यह जोड़ी वारदातों में कर रही थी।
दो राज्यों के रहने वाले आरोपी, नेपाल कनेक्शन भी सामने आया
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक (45), निवासी रानीला गांव, चरखी दादरी, और नितिन कुमार (50), मूल रूप से नांगलोई, दिल्ली, लेकिन वर्तमान में काठमांडू (नेपाल) निवासी के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब दो साल पहले दोनों की मुलाकात नेपाल में हुई थी। दीपक प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और नितिन आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए समय-समय पर भारत आता है।
ये दोनों दीपक की कार में घूमते हुए पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बनाते थे। खुद को विजिलेंस विभाग का अधिकारी बताकर वे दावा करते कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायतें मिली हैं और इस आधार पर उन्हें धमकाकर पैसे मांगते थे।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी को धमकी देकर वसूली का प्रयास
पुलिस के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में नितिन के भारत आने के बाद दोनों ने मिलकर ट्रैफिक जोनल ऑफिसर से पैसे मांगने की वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे NCR क्षेत्र में ऐसी लगभग सात घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
भारी आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी दीपक के खिलाफ पहले से ही चेक बाउंस के दो केस दर्ज हैं। वहीं आरोपी नितिन का रिकॉर्ड और भी गंभीर है—उसके खिलाफ दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में कई आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं, जिनमें चोरी, धमकी, आर्म्स एक्ट और यौन शोषण से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
फर्जी अधिकारियों का पर्दाफाश कैसे हुआ?
16 अक्टूबर को महफिल गार्डन रेडलाइट पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने शिकायत दी थी कि दो लोग बलेनो कार में आए और अपना परिचय विजिलेंस अधिकारी के तौर पर दिया। वे उसे पास के बूथ तक ले गए और कहा कि उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। आरोपियों ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की और तत्काल 5 हजार रुपये “पार्टी के लिए” देने को कहा। पैसे न देने पर उसे धमकी भरा वीडियो भी भेजा गया। इस शिकायत पर सेक्टर-50 थाने में मामला दर्ज किया गया।
कार्रवाई आगे बढ़ेगी
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। रिमांड अवधि में उनसे अन्य वारदातों की जानकारी जुटाई जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।







