नई दिल्ली: देश भर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) को लेकर जारी भारी विवाद और अनिश्चितता के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थियों द्वारा आत्महत्या करने की बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। दिल्ली, राजस्थान और देहरादून में नीट की तैयारी कर रहे तीन होनहार छात्रों ने कथित तौर पर डिप्रेशन और मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया है।
पहला मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके का है, जहाँ रहने वाली रेणु ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले इस परिवार की बेटी रेणु ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी थी। परिजनों के अनुसार, परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद से वह लगातार गहरे डिप्रेशन में थी। 13 जून को जब उसके पिता अपने ससुर के निधन के कारण ससुराल गए हुए थे और रेणु घर पर अकेली थी, तब उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता से उनकी उम्मीदों पर खरा न उतर पाने के लिए माफी मांगी है।
इसी तरह राजस्थान के सीकर में नीट परीक्षा के अपने तीसरे प्रयास की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। झुंझुनूं निवासी उमेश परीक्षा के मद्देनजर अपनी मां और भाई-बहनों के साथ सीकर में एक फ्लैट में रह रहा था। सीकर में इस हफ्ते छात्र आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। वहीं, देहरादून में भी 23 साल की एक युवती ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना टूटने और नीट परीक्षा पास न कर पाने के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे प्यार करती हूं।”
इन दुखद घटनाओं के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने उम्मीदवारों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि 21 जून को दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर सक्रिय उन जालसाजों से सावधान रहने की अपील की है जो मोटी रकम के बदले नकली प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के मद्देनजर केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है ताकि संवेदनशील सामग्री या पेपर लीक की अफवाहों को रोका जा सके। सरकार के इस फैसले के खिलाफ मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस याचिका पर आज ही सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है।







