उत्तर प्रदेश। सहारनपुर जनपद के सरसावा कस्बे में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटे का माहौल है। इस घटना का असर मृतक अशोक कुमार के पैतृक गांव खारीबांस में भी साफ देखने को मिला, जहां सूचना मिलते ही ग्रामीण स्तब्ध रह गए। दोपहर तक गांव की गलियां सुनसान रहीं और लोग घटना की जानकारी मिलने पर सरसावा की ओर रवाना होते रहे।
घटना के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे जाने पर मृतका अंजिता के भाई राहुल, जो हरियाणा के नंदगढ़ गांव के रहने वाले हैं, खारीबांस पहुंचे। उन्होंने शवों की हालत देखकर गंभीर आशंका जताई कि गोली चलाने से पहले परिवार के सदस्यों को नींद या नशीली दवाइयां दी गई हों। राहुल ने बताया कि वह इस घटना से गहरे सदमे में हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
राहुल ने यह भी खुलासा किया कि करीब एक साल पहले भी अशोक द्वारा परिवार के लोगों को नींद की गोलियां खिलाने की घटना सामने आई थी। उस समय समय रहते मामला उजागर हो गया था, जिससे सभी की जान बच गई थी। इस पुराने घटनाक्रम के सामने आने के बाद मौजूदा मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
वहीं, पड़ोसियों का कहना है कि अशोक पिछले डेढ़ से दो वर्षों से मानसिक तनाव में था। पड़ोसी जितेंद्र राठौर के अनुसार, अशोक का इलाज चंडीगढ़ में चल रहा था और वह अक्सर परेशान नजर आता था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब साढ़े तीन साल पहले अशोक के पिता सुरेंद्र सिंह की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद अशोक को मृतक आश्रित कोटे में संग्रह अमीन की नौकरी मिली थी।
लगातार सामने आ रही इन कड़ियों ने इस सामूहिक मौत की घटना को और भी रहस्यमय बना दिया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और परिजनों व ग्रामीणों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।







