अररिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए विशेष निगरानी इकाई, पटना ने अररिया जिले के नरपतगंज अंचल कार्यालय में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने फरही पंचायत में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जमीन परिमार्जन के नाम पर मांगी जा रही थी घूस
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी मोहम्मद इम्तियाज आलम पर जमीन से जुड़े कार्यों में अवैध वसूली का आरोप था। रामघाट वार्ड संख्या-14 के किसान कमलेश्वरी यादव से जमीन के नाम और रकबा सुधार के बदले लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित किसान का कहना है कि पहले भी उसने पैसे दिए थे, बावजूद इसके उसका काम नहीं किया गया।
दोबारा मांगी गई मोटी रकम, किसान ने की शिकायत
किसान के अनुसार, रिश्वत देने के बाद भी जब कार्य लंबित रहा तो कर्मचारी ने एक बार फिर ₹20 हजार की अतिरिक्त मांग कर दी। इससे परेशान होकर किसान ने विशेष निगरानी इकाई, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी
मंगलवार की शाम जैसे ही राजस्व कर्मचारी ने ₹15 हजार की रिश्वत की राशि ली, पहले से तैनात निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया।
निगरानी टीम की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
इस कार्रवाई का नेतृत्व विशेष निगरानी इकाई पटना के डीएसपी संजय कुमार वर्मा कर रहे थे। उनके साथ एसआई अजय कुमार सिंह, अविनाश कुमार झा, त्रिपुरारी प्रसाद, रंजीत कुमार और पीटीसी दिलीप कुमार की टीम शामिल रही। घटना के बाद नरपतगंज अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
स्थानीय लोगों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमि से जुड़े कार्यों में व्याप्त रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए यह कदम जरूरी था। आम नागरिकों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त और प्रभावी संदेश बताया है।







