प्रयागराज- त्योहारी खरीदारी के इस व्यस्त सीजन में अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान रहें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय साइबर ठग इस समय विशेष रूप से एक्टिव हो गए हैं, जो आकर्षक ऑफर्स और भारी छूट का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
साइबर क्राइम सेल को हाल के दिनों में इस तरह की शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसे देखते हुए पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी कर जनता को सतर्क रहने की अपील की है।
ठगी के नए तरीके अपना रहे साइबर अपराधी
अब तक जहां साइबर ठग लॉटरी, इन्वेस्टमेंट स्कीम, फर्जी जॉब ऑफर, डिजिटल अरेस्ट और बैंक अधिकारी बनकर ठगी करते थे, वहीं अब त्योहारी माहौल में उन्होंने ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर ठगी शुरू कर दी है।
ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्रांडेड प्रोडक्ट्स जैसे कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और गिफ्ट्स के नाम पर फर्जी विज्ञापन चला रहे हैं। जब लोग इनसे संपर्क करते हैं, तो वे बुकिंग और डिलीवरी के बहाने उनसे बैंक डिटेल्स और पर्सनल जानकारी हासिल कर लेते हैं, और फिर धीरे-धीरे खाते से मोटी रकम उड़ा लेते हैं।
पिछले एक महीने में साइबर सेल को इस तरह की 25 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सावधान रहें, सतर्क रहें – विशेषज्ञ की सलाह
उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर विशेषज्ञ राहुल मिश्रा ने बताया कि जालसाज बेहद चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। लेकिन कुछ सतर्कताएं बरत कर ऐसी ठगी से बचा जा सकता है:
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सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान ऑफर्स और लिंक से दूरी बनाकर रखें।
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केवल भरोसेमंद और अधिकृत ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से ही खरीदारी करें।
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किसी के साथ अपना आधार, पैन या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
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अनजाने नंबर से आए किसी भी लिंक या कॉल पर प्रतिक्रिया न दें।
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रात में सोते समय मोबाइल डेटा बंद करने की आदत डालें।
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ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
ठगी के शिकार लोग भी सामने आए
सिविल लाइंस की अग्निपथ कॉलोनी में रहने वाली ममता विश्वकर्मा ने शिकायत में बताया कि लखनऊ स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की उनकी शाखा से 99,999 रुपये निकाल लिए गए। ममता ने केवल ऑनलाइन शॉपिंग के लिए लिंक पर क्लिक किया था, और उनकी जानकारी के बिना ही पैसा निकल गया।
इसी तरह फाफामऊ निवासी सुमित सिंह ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर दिखे एक विज्ञापन से कपड़ों की बुकिंग की, लेकिन न तो कपड़े मिले और न ही पैसा वापस आया — उल्टा उनके खाते से 25,000 रुपये कट गए।
साइबर पुलिस इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है।







