गुरुग्राम- जैनाबाद गांव में शुक्रवार सुबह हरियाणा पुलिस के एएसआई कृष्ण यादव (40) ने कमरे में फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। गुरुग्राम पुलिस के एस्कॉर्ट गारद में तैनात कृष्ण यादव छुट्टियों में अपने पैतृक गांव आए थे। मौके से 12 पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उन्होंने आत्महत्या के लिए पत्नी इंदू और ससुरालियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने एएसआई के पिता नरदेव यादव की शिकायत पर पत्नी सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कृष्ण यादव दो बच्चों के पिता थे। उनकी पत्नी इंदू दिल्ली में शिक्षक हैं। कृष्ण यादव साल 2004 में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे और उनकी पहली पोस्टिंग नारनौल में हुई थी। चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार ने बताया कि परिवार के मुताबिक, कृष्ण यादव अपने बच्चों और परिवार के प्रति जिम्मेदार व्यक्ति थे। उन्होंने यह कदम घरेलू तनाव के चलते उठाया।
11 दिन के अंदर पुलिसकर्मी की खुदकुशी की तीसरी घटना : प्रदेश में 11 दिन के अंदर पुलिसकर्मी की खुदकुशी का यह तीसरा मामला है। 7 अक्तूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर आईपीएस पूरण कुमार ने गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने 8 पेज का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत छोड़ी थी।
वहीं, रोहतक में साइबर सेल में कार्यरत एएसआई संदीप लाठर ने 14 अक्तूबर को खेत में बने कमरे में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड से पहले संदीप लाठर ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और 4 पेज का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिसमें आईपीएस वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। अब यह घटना हो गई।
जैनाबाद गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब हरियाणा पुलिस के एएसआई कृष्ण यादव (40) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुग्राम पुलिस की एस्कॉर्ट गारद में तैनात कृष्ण यादव छुट्टियों में अपने पैतृक गांव आए हुए थे। घटनास्थल से पुलिस को 12 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी इंदू और ससुराल पक्ष को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने कृष्ण यादव के पिता नरदेव यादव की शिकायत पर पत्नी सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कृष्ण यादव दो बच्चों के पिता थे और उनकी पत्नी दिल्ली में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2004 में सिपाही के रूप में भर्ती हुए कृष्ण यादव की पहली पोस्टिंग नारनौल में हुई थी। चौकी प्रभारी रजनीश कुमार ने बताया कि कृष्ण यादव अपने परिवार के प्रति बेहद जिम्मेदार थे और उन्होंने यह कदम घरेलू तनाव के चलते उठाया।
11 दिनों में तीसरी आत्महत्या की घटना
प्रदेश में बीते 11 दिनों में पुलिस विभाग से जुड़ी आत्महत्या की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर आईपीएस अधिकारी पूरण कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक आठ पन्नों का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत छोड़ी थी।
इसके बाद 14 अक्टूबर को रोहतक में साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर ने खेत में बने कमरे में खुद को गोली मारकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें आईपीएस वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे।







