गाजियाबाद- कौशांबी में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई राज्यों के युवकों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराएं लागू कर दी हैं।
जांच के दौरान 24 मार्च को पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें बिहार, शामली और शाहजहांपुर के निवासी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये सभी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे और एक संगठित गिरोह के जरिए देश की संवेदनशील जानकारियां बाहर भेजी जा रही थीं।
मुख्य आरोपी ने कबूल किया कि वह सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था और उसे विभिन्न शहरों में जाकर सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और रेलवे स्टेशनों की निगरानी कर उनकी जानकारी जुटाने का काम दिया गया था। वह फोटो और वीडियो बनाकर जीपीएस लोकेशन के साथ विदेशी नंबरों पर भेजता था।
एक अन्य आरोपी ने बताया कि उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए गिरोह के सदस्यों से हुई थी, जिसके बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप के माध्यम से उसे हथियारों की सप्लाई और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल किया गया। उसने मध्य प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने की बात भी स्वीकार की।
तीसरे आरोपी ने खुलासा किया कि वह भी इसी नेटवर्क के जरिए जुड़ा था और उसे अलग-अलग स्थानों पर तकनीकी काम जैसे सीसीटीवी कैमरे लगाने का जिम्मा दिया गया था, जिससे निगरानी और सूचनाएं जुटाने में मदद मिल सके।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संचालित हो रहा था, जिसमें युवाओं को बहकाकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।







