गुरुग्राम – पीजीएफ कंपनी की सीज संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आर्थिक अपराध शाखा-1 की टीम ने आरोपी को सिविल लाइंस स्थित नेहरू स्टेडियम के पास से दबोचा। मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के कैलाश विहार निवासी आशिफ उर्फ फर्जी रविंद्र मनराल के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के कहने पर खुद को पीजीएफ कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और कंपनी की सीज संपत्ति की अवैध रजिस्ट्री कराने में भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पेशे से इलेक्ट्रिशियन है और उसे इस फर्जीवाड़े के बदले पांच लाख रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि अब तक उसे केवल 50 हजार रुपये ही मिले थे।
मामले की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी, जब नायब तहसीलदार ने शिकायत दर्ज कराई कि पीजीएफ लिमिटेड की सीज और अटैच संपत्ति को सुप्रीम कोर्ट की समिति की अनुमति के बिना फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन और जाली दस्तावेजों के जरिए बेचा गया। आरोपियों ने गलत जानकारी देकर संपत्ति की अवैध रजिस्ट्री कराई और उससे आर्थिक लाभ हासिल किया।
शिकायत के आधार पर सेक्टर-56 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया था। जांच अब आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।







