पिता-पुत्र की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपियों पर आजीवन कारावास और 45,200 रुपये जुर्माना भी लगाया
उतार प्रदेश- हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में वर्ष 2020 में हुए दोहरे हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश बाबूराम ने हत्या के आरोप में शीतला सिंह, उसके पुत्र विपिन सिंह, रणजीत सिंह, पत्नी चंदा सिंह, बहू प्रीति सिंह और प्रकाश सरोज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर ₹45,200 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन में कोर्ट ने अलग से सजा देते हुए शीतला सिंह को दो वर्ष का कारावास और ₹1,000 का जुर्माना तथा विपिन सिंह को तीन वर्ष का कारावास और ₹2,000 का जुर्माना लगाया है।
वादी मिथिलेश के अनुसार, घटना 2 नवंबर 2020 की शाम हुई थी जब शीतला सिंह और उसका बेटा धान लदी ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में बिजली के तार में ट्रैक्टर फंसा, जिसे हटाने को लेकर राजेंद्र बहादुर सिंह से विवाद हो गया। विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।
मिथिलेश और अन्य परिजनों ने विवाद को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन तभी प्रीति सिंह ने राजेंद्र पर लाठी से हमला किया। माहौल और बिगड़ गया जब विपिन ने बंदूक निकाली, जबकि शीतला, प्रकाश और रणजीत हाथों में हथियार लेकर पहुंचे। गोलियों की बौछार के बाद राजेंद्र और उनके बेटे अभय गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही दम तोड़ गए।







