नई दिल्ली, शाहदरा। दिल्ली के शाहदरा जिले में पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए 24.49 लाख रुपये की धोखाधड़ी में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सत्यम कुलश्रेष्ठ उर्फ ‘सैम’ को गुरुग्राम सेक्टर-11 से पकड़ा गया है, जो आगरा के आवेश कॉलोनी का निवासी है।
देश-विदेश के साइबर अपराधियों से जुड़ा था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि सत्यम व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भारत और अन्य देशों के साइबर ठगों से संपर्क में था। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें 50 से ज्यादा संदिग्ध साइबर अपराधियों के साथ बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं।
सत्यम का मुख्य काम म्यूल अकाउंट्स (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) उपलब्ध कराना था। अब तक वह सैकड़ों फर्जी खाते साइबर गिरोहों को सौंप चुका है, जिनके जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
लोगों को झांसे में लेकर लेते थे बैंक अकाउंट
आरोपी भोले-भाले लोगों को झांसा देता था कि उन्हें चीनी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के लिए बैंक खाता खोलने पर 3.5% से 4.5% कमीशन मिलेगा। लोग लालच में आकर खाते खोलते थे और दस्तावेज सत्यम को सौंप देते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी में किया जाता था।
शाहदरा निवासी युवक से लाखों की ठगी
इस पूरे मामले की शुरुआत शाहदरा निवासी एक युवक की शिकायत से हुई, जिसे एक ऑनलाइन चैट एप पर नेहा शर्मा नामक युवती मिली। बातचीत बढ़ने पर नेहा ने युवक को एक कंपनी में निवेश करने के लिए राज़ी किया।
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शुरुआत में युवक ने 8 लाख रुपये लगाए, जिसके बाद उसे बड़ा मुनाफा दिखाया गया।
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फिर उसे और लालच देकर 10 लाख, 5 लाख और 1.5 लाख रुपये और निवेश करवाए गए।
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जब युवक ने रकम निकालने की कोशिश की, तो उससे 7.5 लाख की अतिरिक्त मांग की गई।
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बाद में नेहा ने उसे ब्लॉक कर दिया।
टेक्निकल सर्विलांस से पहुंची पुलिस म्यूल अकाउंट तक
पुलिस ने जब शिकायत की जांच शुरू की तो पता चला कि ठगी की रकम कई खातों से होते हुए एक अज्ञात अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी। जांच में पहला बैंक खाता म्यूल अकाउंट निकला, जिसे एक व्यक्ति ने सत्यम उर्फ सैम के कहने पर खुलवाया था।
इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल ट्रैकिंग के ज़रिए सत्यम को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल से मिली जानकारियों के आधार पर कई अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
बीएससी ग्रेजुएट, पहले चला चुका है टिफिन सेंटर
सत्यम ने आगरा यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई की है। उसके पिता एक सिक्योरिटी गार्ड हैं। पढ़ाई के बाद सत्यम ने टिफिन सर्विस शुरू की थी, लेकिन घाटा होने पर उसे बंद कर दिया।
इसके बाद एक पुराने दोस्त ने उसे म्यूल अकाउंट मुहैया कराने के लिए उकसाया। धीरे-धीरे वह साइबर क्राइम नेटवर्क का हिस्सा बन गया और सैम के नाम से टेलीग्राम व व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगों से जुड़ गया।
पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किन-किन गिरोहों के संपर्क में था और अब तक कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई है।







