नोएडा- साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के बहाने ठग रहा था। इस मामले में गिरोह के सरगना सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहा था और अब तक सैकड़ों विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बना चुका है। आरोपियों द्वारा इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फर्जी टेक सपोर्ट सेवाओं के विज्ञापन दिए जाते थे, जिनमें हेल्पलाइन नंबर साझा किए जाते थे।
जैसे ही कोई विदेशी नागरिक सहायता के लिए कॉल करता, आरोपी खुद को प्रतिष्ठित कंपनी का तकनीकी विशेषज्ञ बताकर उससे संपर्क स्थापित करते थे। इसके बाद वे कंप्यूटर या मोबाइल में समस्या या हैकिंग का डर दिखाकर पीड़ित को भ्रमित करते थे। स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए वे पीड़ित के सिस्टम तक पहुंच बनाकर उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण कर लेते थे।
एक बार एक्सेस मिलने के बाद आरोपी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते और उसी के आधार पर रकम वसूलते थे। कम बैलेंस वाले खातों से सैकड़ों डॉलर और अधिक बैलेंस वाले मामलों को गिरोह के वरिष्ठ सदस्यों के पास भेज दिया जाता था, जहां बड़ी रकम की ठगी की जाती थी।
जांच के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, माइक्रोफोन हेडसेट और नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए हैं, जिनसे यह कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। गिरोह किराये के स्थान पर पूरा सेटअप तैयार कर काम कर रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और आरोपी विभिन्न माध्यमों से डॉलर, गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान लेते थे। बाद में हवाला के जरिए रकम भारत में मंगवाई जाती थी।
पुलिस अब बरामद डिजिटल डिवाइस की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।







