आगरा- हाल के दिनों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। एक महिला शिक्षिका से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले ने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। इसके बाद पेंशनर्स और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि साइबर ठग अब लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। खासतौर पर बुजुर्गों और पेंशनर्स को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि ठग लोगों को डराकर या लालच देकर उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत परिवार के सदस्यों को जानकारी दें और पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। केवल विश्वसनीय वेबसाइट और प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें। व्हाट्सएप कॉल या ग्रुप के जरिए मुनाफे का लालच देने वालों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये साइबर ठगी के आम तरीके बन चुके हैं।
अगर किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।







