लखनऊ। लखनऊ में साइबर अपराधियों ने दो लोगों के मोबाइल फोन हैक कर 16.63 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में जालसाजों ने चालान और बैंक अपडेट के नाम पर भेजी गई एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) फाइल का लिंक इस्तेमाल किया। पुलिस ने दोनों घटनाओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: गाड़ी के चालान के बहाने मोबाइल हैक
पारा के चंद्रोदयनगर निवासी धर्मेंद्र कुमार को 25 अक्टूबर को एक मैसेज मिला, जिसमें गाड़ी का चालान चेक करने का लिंक था। उन्होंने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया और एपीके फाइल डाउनलोड की, मोबाइल फोन हैक हो गया।
इसके बाद जालसाजों ने उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के दो खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में 13.12 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित को जब अकाउंट से पैसे कटने का मैसेज मिला तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह के मुताबिक, साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की जा रही है।
दूसरा मामला: बैंक कर्मचारी बनकर फंसाया
बीबीडी के अनौरा कला स्थित तिरुपति होम निवासी हंसराज प्रसाद गुप्ता को 15 अक्टूबर को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताते हुए क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपडेट करने के नाम पर फाइल डाउनलोड करने को कहा।
जैसे ही उन्होंने एपीके फाइल डाउनलोड की, उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उनके कई क्रेडिट कार्ड से बार-बार ट्रांजेक्शन कर 3.51 लाख रुपये उड़ा लिए।
बीबीडी थाने के इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि साइबर सेल की टीम दोनों मामलों की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
व्हाट्सएप या मैसेज से आई किसी भी एपीके, PIF या VBS फाइल को डाउनलोड न करें।
जालसाज अक्सर ट्रैफिक चालान, बैंक केवाईसी या शादी के कार्ड के नाम पर फाइल भेजते हैं।
व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर मीडिया ऑटो डाउनलोड बंद करें, ताकि कोई फाइल आपकी अनुमति के बिना डाउनलोड न हो।
शिकायत कहां करें
टोल फ्री नंबर: 1930
वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in
साइबर थाने: हजरतगंज और विभूतिखंड
स्थानीय थाने पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।







