नई दिल्ली- उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सुभाष प्लेस क्षेत्र में किराये के एक कमरे में हुई बर्बर हिंसा ने सनसनी फैला दी है। दो युवकों को बेरहमी से दो दिनों तक कैद कर पीटा गया, जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दूसरा मौका मिलते ही जान बचाकर वहां से निकल भागा। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए घर के मालिक इरशाद (31) को हिरासत में लेकर हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि कमरे में रहने वाले दोनों युवक उसकी मोबाइल डिवाइस को हैक कर चुके हैं और उसके पास मौजूद कुछ कीमती सिक्कों को गायब कर दिया है। इसी शक के चलते इरशाद ने दोनों को कमरे में बंद कर बेल्ट, घूंसों और रस्सी से लगातार दो दिनों तक मारा-पीटा। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान तमन्ना और उसके साथी की पहचान वीरेंद्र के रूप में हुई है, जो शकूरपुर की जे.जे. कॉलोनी में किरायेदार के रूप में रह रहे थे।
हिंसा से किसी तरह जान बचाने के बाद दोनों एक परिचित नाजिम के पास पहुंचे। लगातार दर्द, उलझन और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तमन्ना को दो बार डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन शनिवार को उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई। 9 नवंबर को वह नाजिम और एक परिचित महिला के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई, लेकिन बयान के तुरंत बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे भगवन महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मृतक पर हुए क्रूर अत्याचार का खुलासा किया—उसके पेट में बड़ी मात्रा में खून जमा था और शरीर पर गंभीर चोटों के चिन्ह पाए गए। घटना का दूसरा पीड़ित वीरेंद्र मानसिक रूप से बेहद डर गया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने गांव बिजलपुरा (मधुबनी, बिहार) चला गया।
उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सुभाष प्लेस क्षेत्र में किराये के एक कमरे में हुई बर्बर हिंसा ने सनसनी फैला दी है। दो युवकों को बेरहमी से दो दिनों तक कैद कर पीटा गया, जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दूसरा मौका मिलते ही जान बचाकर वहां से निकल भागा। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए घर के मालिक इरशाद (31) को हिरासत में लेकर हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि कमरे में रहने वाले दोनों युवक उसकी मोबाइल डिवाइस को हैक कर चुके हैं और उसके पास मौजूद कुछ कीमती सिक्कों को गायब कर दिया है। इसी शक के चलते इरशाद ने दोनों को कमरे में बंद कर बेल्ट, घूंसों और रस्सी से लगातार दो दिनों तक मारा-पीटा। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान तमन्ना और उसके साथी की पहचान वीरेंद्र के रूप में हुई है, जो शकूरपुर की जे.जे. कॉलोनी में किरायेदार के रूप में रह रहे थे।
हिंसा से किसी तरह जान बचाने के बाद दोनों एक परिचित नाजिम के पास पहुंचे। लगातार दर्द, उलझन और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तमन्ना को दो बार डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन शनिवार को उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई। 9 नवंबर को वह नाजिम और एक परिचित महिला के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई, लेकिन बयान के तुरंत बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे भगवन महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मृतक पर हुए क्रूर अत्याचार का खुलासा किया—उसके पेट में बड़ी मात्रा में खून जमा था और शरीर पर गंभीर चोटों के चिन्ह पाए गए। घटना का दूसरा पीड़ित वीरेंद्र मानसिक रूप से बेहद डर गया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने गांव बिजलपुरा (मधुबनी, बिहार) चला गया।-
उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सुभाष प्लेस क्षेत्र में किराये के एक कमरे में हुई बर्बर हिंसा ने सनसनी फैला दी है। दो युवकों को बेरहमी से दो दिनों तक कैद कर पीटा गया, जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दूसरा मौका मिलते ही जान बचाकर वहां से निकल भागा। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए घर के मालिक इरशाद (31) को हिरासत में लेकर हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि कमरे में रहने वाले दोनों युवक उसकी मोबाइल डिवाइस को हैक कर चुके हैं और उसके पास मौजूद कुछ कीमती सिक्कों को गायब कर दिया है। इसी शक के चलते इरशाद ने दोनों को कमरे में बंद कर बेल्ट, घूंसों और रस्सी से लगातार दो दिनों तक मारा-पीटा। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान तमन्ना और उसके साथी की पहचान वीरेंद्र के रूप में हुई है, जो शकूरपुर की जे.जे. कॉलोनी में किरायेदार के रूप में रह रहे थे।
हिंसा से किसी तरह जान बचाने के बाद दोनों एक परिचित नाजिम के पास पहुंचे। लगातार दर्द, उलझन और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तमन्ना को दो बार डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन शनिवार को उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई। 9 नवंबर को वह नाजिम और एक परिचित महिला के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई, लेकिन बयान के तुरंत बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे भगवन महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मृतक पर हुए क्रूर अत्याचार का खुलासा किया—उसके पेट में बड़ी मात्रा में खून जमा था और शरीर पर गंभीर चोटों के चिन्ह पाए गए। घटना का दूसरा पीड़ित वीरेंद्र मानसिक रूप से बेहद डर गया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने गांव बिजलपुरा (मधुबनी, बिहार) चला गया।







