अंधविश्वास ने ली दो घरो के बेटों की जान, तांत्रिक साधना को पूर्ण करने के लिए दी नर बलि
मेरठ। मेरठ के सरधना क्षेत्र के नवाबगढ़ी गांव में दो मासूम बच्चों की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। परिजनों ने कई बार मामले की गंभीरता को पुलिस के सामने लाने की कोशिश की परंतु आरोपी तांत्रिक के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नही हुई। इन हत्याओं के पीछे कथित रूप से तांत्रिक क्रियाएं बताई जा रही हैं, जिससे लोगों में भय और आक्रोश दोनों गहराते जा रहे हैं।
बच्चों की बलि, समाज में दहशत का माहौल
सरधना थाना क्षेत्र के नवाबगढ़ी गांव में दो किशोरों की हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र क्रिया का भयावह चेहरा सामने आया है। पुलिस की लापरवाही के चलते न केवल दो मासूमों की जान गई, बल्कि परिजनों की चेतावनियों की अनदेखी ने पूरे पुलिस तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिरौती लेने के बाद भी कर डाली हत्या
14 वर्षीय उवैश बृहस्पतिवार शाम नमाज़ पढ़ने के लिए घर से निकला, लेकिन लौटकर नहीं आया। रात को पिता के फोन में फिरौती के लिए संदेश भेजा गया जिसमें एक क्यूआर कोड भी था। पिता ने तुरंत पांच लाख रुपये भेज दिए, मगर उवैश की जान नहीं बच सकी। शनिवार को पुलिस ने एक पुराने मकान से उसका शव बरामद किया, जिसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।
तांत्रिक पर पहले भी लगाए गए आरोप
तीन महीने पहले रिहान के लापता होने पर उसकी मां ने असद का नाम लेकर पुलिस से शिकायत की थी। बावजूद इसके पुलिस ने इसे प्रेम-प्रसंग या पारिवारिक रंजिश का मामला मानकर टाल दिया। अब उवैश की हत्या के बाद जब असद को पकड़ा गया, तो उसने रिहान की हत्या भी कबूल कर ली। पुलिस को रिहान के कपड़े और हड्डियां खेत से बरामद हुई हैं।
कबूलनामा तांत्रिक शक्तियों के लिए दी मासूमों की बलि
असद ने पूछताछ में बताया कि उसने तंत्र साधना के लिए बच्चों की बलि दी। बयान न सिर्फ अंधविश्वास की घातक प्रवृत्ति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे ढोंगी किस तरह कमजोर और मासूमों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस की लापरवाही ने कराई तीन चूक
रिहान की मां द्वारा बार-बार आरोपी का नाम लेने पर भी कोई पूछताछ नहीं की गई।
उवैश के लापता होने के बाद शुरुआती समय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों को थाने से भगा दिया गया और झूठे आरोप लगाने की धमकी दी गई।
गांव में गुस्सा और मातम, न्याय की मांग
नवाबगढ़ी गांव में डर और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है, अगर पुलिस ने पहली शिकायत पर ही गंभीरता दिखाई होती, तो शायद दोनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने असद के पिता और भाई से भी पूछताछ शुरू कर दी है और हत्या, अपहरण व सबूत मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। रिहान के अवशेषों की दोबारा खोज की जा रही है और फॉरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता से जांच की जा रही हैं।







