राजस्थान: विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो प्रकरण) के न्यायाधीश अनूप कुमार पाठक ने नाबालिग से दुष्कर्म, जबरन विवाह और बंधक बनाने जैसे अत्यंत जघन्य अपराध में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी तांत्रिक रामलाल उर्फ रामाराम वाल्मिकी को आजीवन कारावास और ₹3.8 लाख के जुर्माने, तथा सहआरोपी भुदाराम उर्फ भूराराम मेघवाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹70,000 के जुर्माने की सजा दी है।
तांत्रिक विद्या के नाम पर किया अपराध
प्रकरण की शुरुआत जनवरी 2024 से हुई, जब उत्तरप्रदेश निवासी एक व्यक्ति की बेटी बीमार हुई। जब इलाज से लाभ नहीं मिला, तो परिजनों ने अनादरा गांव के तांत्रिक रामलाल से संपर्क किया।
रामलाल ने पीड़िता को झाड़-फूंक के जरिए ठीक करने का दावा किया और 3 अप्रैल 2024 को उनके पुश्तैनी गांव में पूजा करने का बहाना बनाकर पहुंचा। इसके बाद उसने 11 अप्रैल को बड़ी पूजा कराने के नाम पर पीड़िता को जंगल ले जाकर जबरन विवाह करने की कोशिश की।
डंडे से हमला, परिवार को धमकियां
जब नाबालिग ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसके सिर पर डंडे से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं आरोपी के सहयोगियों ने पीड़िता के परिवार को जान से मारने की धमकी दी। रामलाल पीड़िता को जबरन अपने साथ ले गया और दो माह तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
कोर्ट ने माना – ‘अत्यंत जघन्य अपराध’
विशेष न्यायाधीश ने इसे एक सुनियोजित और अमानवीय कृत्य मानते हुए तांत्रिक रामलाल को उम्रकैद की सजा दी। साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने में सहयोग के लिए न्यायमित्र अधिवक्ता भैरूपाल सिंह बालावत का विशेष आभार प्रकट किया। न्यायालय ने पीड़िता को आर्थिक सहायता देने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही से ₹8 लाख प्रतिकर की अनुशंसा की है।
अपराधी निकला A-श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, रामलाल उर्फ रामाराम थाना अनादरा का ए-श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह झाड़-फूंक व तंत्र-मंत्र के बहाने लड़कियों को फंसा कर शोषण करता रहा है। जानकारी के अनुसार, उसने अब तक 5 से अधिक शादियां की हैं।
अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य
मामले में अभियोजन पक्ष ने 33 गवाहों और 188 दस्तावेजों के माध्यम से आरोप सिद्ध किए। अदालत ने गहन परीक्षण के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।







