उत्तर प्रदेश। जिले के तंबौर थाना क्षेत्र की चकपुरवा ग्राम पंचायत में एक 60 वर्षीय महिला कला वती की शुक्रवार को सांप के काटने से मौत हो गई। महिला घर में कंडा (उपला) हटाते समय सांप की चपेट में आ गई थी। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की पुष्टि के बावजूद परिजनों ने अंधविश्वास के चलते अंतिम संस्कार रोक दिया और स्थानीय बाबा कृपाल दास को फोन किया। बाबा ने गांव पहुंचकर परिजनों से कहा कि अगर गोबर से भरे गड्ढे में शव को रखा जाए और वह झाड़-फूंक करें तो चमत्कार संभव है। बाबा की बात मानकर परिजनों ने रात 8 बजे महिला के शव को गोबर से भरे गड्ढे में दफन कर दिया।
बाबा ने दावा किया कि शुक्रवार रात 8 बजे फिर से खुदाई की जाएगी। परिजन अब भी आशा लगाए बैठे हैं कि उनकी मां “जिंदा लौट सकती हैं।” यह घटना न केवल अंधविश्वास पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक चिकित्सा की जगह झाड़-फूंक को प्राथमिकता दी जाती है।







