शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): जनपद के सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव कटिया बुजुर्ग में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एक प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। बाद में उन्हें एसडीएम कोर्ट से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
क्या है मामला?
गांव के एक मकान में रविवार सुबह मसीह समाज की प्रार्थना सभा चल रही थी। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों को सूचना मिली कि इस सभा के दौरान लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी सूचना पर ब्रज क्षेत्र मंत्री उमेश सिंह फौजी, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, और ब्लॉक अध्यक्ष रमेश दीक्षित अपने कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर 12 बजे वहां पहुंच गए।
सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे
सूचना के बाद आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। हंगामे के चलते सभा में शामिल लोग वहां से निकल गए। पुलिस बल के साथ पहुंचे हलका दरोगा हनुमान यादव ने हालात संभाले और पूजा, उनके पति अजय कुमार, सास रानी और एक अन्य महिला ज्योति को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें शांतिभंग की आशंका में चालान कर अदालत में पेश किया गया।
मिशनरी स्कूल के नाम पर जुटाए गए लोग
मकान के बाहर एक मिशनरी स्कूल का बैनर लगाया गया था, जिस पर पास के गांव पैना रोड का पता लिखा था। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि यह बैनर लोगों को भ्रमित कर सभा स्थल तक लाने के लिए लगाया गया था। बताया गया कि स्कूल केवल दिखावे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, वहां कोई पढ़ाई नहीं होती।
मामला जुड़ा है पुराने केस से
सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि यह घटना 13 जुलाई को सिंधौली में हुई एक अन्य प्रार्थना सभा से जुड़ी प्रतीत हो रही है, जिसमें भी धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगा था। कटिया बुजुर्ग की घटना को उस मुकदमे में शामिल कर विवेचना की जाएगी।
आठ दिन में तीन घटनाएं सामने आईं
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13 जुलाई: सिंधौली में एक मकान में प्रार्थना सभा में धर्मांतरण की सूचना, दस लोगों का शांतिभंग में चालान
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20 जुलाई (शनिवार): आरसी मिशन थाना क्षेत्र के मोहल्ला रेती में धर्मांतरण की कोशिश
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21 जुलाई (रविवार): कटिया बुजुर्ग गांव में धर्मांतरण का आरोप
लोगों ने दी सफाई, फिर मौके से खिसक गए
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि वे एक बीमार महिला को देखने आए थे। लेकिन थोड़ी देर बाद सभी एक-एक कर वहां से निकल गए।







