नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बेहद शिक्षित और शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद अपराध की दुनिया को चुना। आरोपी शुभम (32), जो दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी और एमफिल कर चुका है, को गुरुग्राम के सोहना इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक शुभम ने 2017 में बिहार के सीतामढ़ी में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में धुएं वाले बम का इस्तेमाल कर लूट को अंजाम दिया था। यह बम उसने पटाखों और केमिकल की मदद से तैयार किया था — रसायन विज्ञान में उसकी विशेषज्ञता ही उसका अपराधी हथियार बन गई।
शुभम किरोड़ीमल कॉलेज का छात्र रहा है और उसने बीएससी ऑनर्स (केमिस्ट्री) करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमएससी और एमफिल भी पूरी की। यहां तक कि उसने CLAT भी पास किया और आंध्र प्रदेश के एक कॉलेज में LLB में दाखिला लिया, हालांकि वह पढ़ाई बीच में छोड़कर दिल्ली लौट आया।
शुभम के खिलाफ आपराधिक इतिहास भी लंबा है। बैंक लूट के बाद वह गिरफ्तार हुआ और जेल गया, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद दोबारा वारदातें शुरू कर दीं। 2021 में दिल्ली में दो ज्वेलरों को निशाना बनाकर लूट की। इन मामलों में भी उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोर्ट में पेश न होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
अपराध शाखा के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि 9 अक्टूबर को पुलिस को इनपुट मिला कि वह सोहना, गुरुग्राम में आने वाला है। इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
शुभम का परिवार मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है, लेकिन 1990 के दशक में दिल्ली के बुराड़ी इलाके में बस गया। उसके पिता कारोबारी हैं और भाई एक इंजीनियर है। शुभम ने पढ़ाई में हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।







