जांचकर्ता मार्केटयार्ड पुलिस स्टेशन के अधिकारी पीएसआई युवराज शिंदे ने बताया, हमने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे पुणे की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 26 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 28 साल के याहया के अलावा, उसके पांच सहयोगी — अब्दुल हामिद शेख, हकीम और तीन महिलाएं नसरीन, रहीम और शमीमा अभी भी फरार हैं। युवराज शिंदे ने कहा कि पुलिस टीमों ने उनके दफ्तर ए.ए. एंटरप्राइजेज की भी जांच की है, जो दक्षिण मुंबई के माहिम में स्थित नौकरियों के लिए ‘भर्ती’ करने वाली कंपनी है।
मामले की जानकारी देते हुए शिंदे ने कहा कि याह्या और उसके साथियों ने अलग-अलग शहरों की गरीब महिलाओं को सऊदी अरब में संपन्न परिवारों में 35,000 रुपये प्रति माह के मासिक वेतन पर घरेलू नौकरानी के रूप में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा दिया। दोनों पीडि़ता पुणे के मार्केटयार्ड इलाके के अंबेडकर नगर से हैं। दोनों पर्यटक वीजा पर वहां पहुंचे और काम करना शुरू किया, तो उन्हें वादे से बहुत कम वेतन मिला और कथित तौर पर उनके नियोक्ताओं ने उन्हें कई तरह की यातनाएं दी।
परेशान महिलाओं ने शिकायत करने के लिए स्थानीय (सऊदी अरब) एजेंटों से संपर्क किया, लेकिन इसके बजाय उन्होंने मांग की कि महिलाएं भारत जाने से पहले प्रत्येक को 4 लाख रुपये दें। शिंदे ने कहा, स्थानीय संपर्कों ने दोनों को बताया कि याह्या और अन्य लोगों ने उन्हें 4-4 लाख रुपये में बेच दिया है और जब तक उनके पैसे वापस नहीं किए जाते, उन्हें भारत लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी तरह, महिलाएं पुणे लौटने में कामयाब रहीं और सोमवार को मार्केटयार्ड पुलिस स्टेशन और सामाजिक सुरक्षा सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद वे हरकत में आए।
पुलिस इस रैकेट की गुत्थी सुलझा रही है और पता लगा रही है कि इसी तरह और कितनी भोली-भाली महिलाओं को मानव-तस्करी गिरोह ने फंसाया है। गुलाम के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदने या बेचने, जबरन वसूली, धोखाधड़ी आदि से संबंधित आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।







