नई दिल्ली- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साउथ कैंपस क्षेत्र में हुई एक हाई-प्रोफाइल चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। रियल एस्टेट का व्यवसाय करने वाली एक महिला के घर से करीब चार करोड़ रुपये कीमत के आभूषण ग़ायब होने की जांच में उस व्यक्ति का नाम सामने आया, जिस पर परिवार को सबसे ज़्यादा भरोसा था—उनका निजी चालक।
पुलिस के अनुसार, शिकायत 28 सितंबर को दर्ज कराई गई थी, जिसमें महिला ने बताया कि उनके घर के लॉकर से कीमती गहने अचानक लापता हैं। जांच शुरू होने पर पुलिस ने घर में आने-जाने वाले कर्मचारियों, अस्थायी स्टाफ और आसपास लगे कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया।
जिले की सेंधमारी निरोधक टीम को 21 नवंबर को यह प्रकरण सौंपा गया। निरीक्षक राम कुमार की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक करते हुए मामले को आगे बढ़ाया। जांच में पता चला कि घर में चार साल से कार चलाने वाला नागौर (राजस्थान) का रहने वाला महेंद्र दान घटना से पहले और बाद में संदिग्ध रूप से व्यवहार कर रहा था।
टीम ने जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसके फिंगरप्रिंट मौके से मिले निशानों से पूरी तरह मेल खा गए। 22 नवंबर को उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नागौर स्थित उसके घर से अधिकांश गहने बरामद कर लिए। वहीं शाहदरा में उसके किराए के घर पर छापेमारी में कुछ सोने के बिस्कुट भी मिले।
महेंद्र ने पूछताछ में कबूल किया कि आर्थिक संकट के कारण उसने यह साजिश रची थी। उसे पता था कि उसकी मालकिन अक्सर लॉकर में महंगे गहने रखती हैं। एक दिन जब घर के सदस्य बाहर थे, उसने मौका देखकर लॉकर से गहने निकाल लिए और तुरंत अपने गांव जाकर उन्हें छिपा दिया। पकड़े जाने के डर से वह चोरी के बाद भी रोज़ाना काम पर आता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस का कहना है कि बरामदगी लगभग पूरी हो चुकी है और आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की योजना में कोई और भी शामिल था या नहीं।







