दिल्ली- दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सक्रिय पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लाल चंदन तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 10 टन यानी 9,500 किलोग्राम दुर्लभ लाल चंदन की लकड़ी जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग छह करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
अंतरराज्यीय से अंतरराष्ट्रीय तस्करी तक जुड़ा मामला
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह ऑपरेशन आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तिरुपति इलाके से चुराई गई लाल चंदन की बड़ी खेप दिल्ली लाई गई थी, जिसे विदेशी बाजारों—खासतौर पर चीन और अन्य दक्षिण एशियाई देशों—में भेजने की तैयारी थी।
दिल्ली के गोदाम में छापा, दो तस्कर दबोचे गए
जांच के आधार पर एसटीएफ ने आंध्र प्रदेश की खुफिया इकाई के साथ मिलकर सोमवार को तुगलकाबाद स्थित एक गोदाम में छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां भारी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई। पुलिस ने मौके से हैदराबाद निवासी इरफान और मुंबई (ठाणे) के अमित संपत पवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि इस खेप को ट्रकों में छिपाकर तिरुपति से दिल्ली लाया गया था।
चीन में ऊंची कीमत पर बिकती है यह लकड़ी
पुलिस के अनुसार, लाल चंदन की यह लकड़ी औषधीय गुणों और वाणिज्यिक उपयोग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग में है। विशेष रूप से चीन में इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा, फर्नीचर और सजावटी वस्तुओं में किया जाता है, जिससे इसकी कीमत आसमान छूती है।
अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक
दिल्ली पुलिस ने बताया कि राजधानी में लाल चंदन की यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो देश के जंगलों से अवैध तरीके से लकड़ी काटकर उसे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाते हैं।







