ग्रेटर नोएडा- शनिवार देर रात मवाना थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से सैकड़ों सिम कार्ड, सिमबॉक्स, मोबाइल डिवाइस, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरोह द्वारा देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हुए अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को लोकल नेटवर्क में बदलकर भारी साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी।
कम पढ़े-लिखे, लेकिन टेक्नोलॉजी के जरिए बना लिया बड़ा नेटवर्क
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि आरोपी मोहल्ला कल्याण सिंह के निवासी हैं, जिनमें से आशिक केवल पांचवीं पास है, उसका भाई इस्लाम सातवीं तक पढ़ा है, जबकि तीसरा आरोपी गुफरान एमसीए की पढ़ाई कर चुका है। तीनों ने मिलकर इंटरनेट, यूट्यूब और गूगल की मदद से इस फर्जीवाड़े की तकनीक सीखी और टेलीग्राम व व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए उपकरण और नेटवर्क खड़ा किया।
फर्जी सिम से चला रहे थे अंतरराष्ट्रीय कॉल्स का खेल
आरोपियों ने फर्जी नाम और पते पर सैकड़ों सिम कार्ड खरीदे और उन्हें सिमबॉक्स और वाईफाई राउटर में लगाकर अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) के जरिए लोकल कॉल्स में बदलना शुरू कर दिया। इससे कॉल की असली पहचान छिप जाती थी, जिसे बाद में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में इस्तेमाल किया जाता था।
तकनीक का गलत इस्तेमाल, देश को पहुंचा रहे थे नुकसान
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता था। इनकी गतिविधियों पर एसएसपी के निर्देश पर सर्विलांस टीम लंबे समय से नजर रख रही थी। अंततः ईदगाह पुलिया के पास से तीनों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तारी के समय बरामद हुआ हाईटेक सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सिमबॉक्स, 200 से अधिक फर्जी सिम कार्ड, एक लैपटॉप, एक वाईफाई राउटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संबंध किन-किन अन्य राज्यों या देशों से था और अब तक कितनी कॉल्स के जरिए ठगी को अंजाम दिया गया।







