साहिबाबाद। टीलामोड़ क्षेत्र के गरिमा गार्डन मेन बाजार निवासी जावेद, जो मनी ट्रांसफर के कारोबार से जुड़े हैं, ने इलाके के ही रहने वाले राशिद और सलमान नामक दो भाइयों पर करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि न केवल उनसे बड़ी रकम हड़पी गई, बल्कि एक फर्जी प्लॉट सौदे के जरिए उन्हें और गुमराह किया गया।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार 5 सितंबर की रात को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भरोसे को बनाया हथियार, लेन-देन में की हेराफेरी
पीड़ित जावेद ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि राशिद और सलमान लंबे समय से उनके संपर्क में थे, और अक्सर उनके जरिए अपने बैंक खातों में पैसे जमा करवाते थे। बदले में जावेद को नकद राशि दी जाती थी। इस लेन-देन के चलते उनके बीच भरोसा बन गया था।
जावेद का आरोप है कि दोनों भाई समय-समय पर मनी ट्रांसफर के बहाने पैसे लेते रहे, लेकिन नकदी लौटाना बंद कर दिया। यह सिलसिला इस कदर बढ़ा कि बकाया रकम एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
फर्जी प्लॉट सौदे का जाल, जावेद से छीने दस्तावेज
पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2022 में सलमान ने अपने भाई राशिद की तबीयत खराब होने की बात कहकर तत्काल पैसों की जरूरत बताई। साथ ही पसौंडा स्थित अशोक वाटिका में 600 गज का एक प्लॉट बेचने का प्रस्ताव रखा। प्लॉट का सौदा 1.50 करोड़ रुपये में तय हुआ, जिसमें से एक करोड़ रुपये पहले ही जावेद द्वारा दिए जा चुके थे, और बाकी रकम रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई।
लेकिन जब जावेद ने खुद जानकारी जुटानी शुरू की तो चौंकाने वाला सच सामने आया — जिस प्लॉट का सौदा किया गया था, वह राशिद का था ही नहीं। इतना ही नहीं, आरोपी पहले ही अनुबंध से जुड़े दस्तावेज हड़प चुके थे।
धमकी और दबाव भी बनाए गए
जब जावेद ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया।
अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस जांच में जुटी
एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि मामला गंभीर है और जावेद द्वारा ट्रांसफर की गई रकम से जुड़े बैंक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की भूमिका की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







