साहिबाबाद। साहिबाबाद की नवीन फल एवं सब्जी मंडी के सचिव की रिश्वत लेते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। यह वीडियो शुक्रवार को मंडी निदेशक इंद्र विक्रम सिंह तक पहुंचा, जिन्होंने तत्काल इस पर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मंडी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उप निदेशक राजीव राय को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
व्यापारियों में आक्रोश, मंडी सचिव पर भेदभाव के आरोप
वीडियो वायरल होने के बाद शनिवार को मंडी परिसर में व्यापारियों के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने मंडी सचिव पर भ्रष्टाचार और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए।
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी सचिव ने गेट नंबर 3 के पास बनी करीब 40 दुकानों को अवैध घोषित कर तोड़वा दिया, जबकि उनका निर्माण वर्षों से चल रहा था। उनका कहना है कि कुछ गार्डों के ज़रिए व्यापारियों से अवैध वसूली की जा रही थी, और जिन्होंने पैसे नहीं दिए, उनकी दुकानों को निशाना बनाया गया।
जुलाई 2024 से ही विवादों में रहे मंडी सचिव
मंडी सचिव सुनील शर्मा ने जुलाई 2024 में पदभार संभाला था, लेकिन तब से वह लगातार विवादों और आरोपों से घिरे रहे हैं।
उन पर पहले मंडी परिसर में अवैध रूप से नारियल से लदे ट्रकों को पैसे लेकर खड़ा करने, और सड़क पर पीली लाइन खींचकर दुकानों पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लग चुके हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने कई बार मंडी समिति कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए सचिव की कार्यशैली को भेदभावपूर्ण बताया था।
जांच में सामने आएंगे सभी पक्ष: मंडी निदेशक
मंडी निदेशक इंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि, “हमें जो वीडियो प्राप्त हुआ है, उसमें मंडी सचिव के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जा रही है। उप निदेशक राजीव राय सभी पक्षों की बात सुनने के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”







