शामली। कैराना के चर्चित पिता-पुत्र हत्याकांड में अदालत ने चार दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और साथी मोनू को आजीवन कारावास की सजा दी है। वहीं सिपाही के पिता वीरेंद्र को पांच वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है। मामले में 13 अगस्त को अदालत ने चारों आरोपितों को दोषी करार दिया था।
मामला पांच अप्रैल 2022 का है। मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उनके 20 वर्षीय बेटे अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव कांधला क्षेत्र के सल्फा जंगल से बरामद हुए थे। इसके बाद मृतक की मां सुरेश देवी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में विक्रांत, उसके पिता वीरेंद्र, भाई अर्जुन और मोनू ने पिता-पुत्र को कथित तौर पर बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट व प्रताड़ना के बाद हत्या कर दी।
विक्रांत घटना के समय उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था और आईबी के पूर्व निदेशक की सुरक्षा में भी तैनात रह चुका था। हत्याकांड के बाद उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के समक्ष 14 गवाह पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय की अदालत ने 13 अगस्त को चारों आरोपितों को दोषी ठहराया था।
पीड़ित परिवार ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। वहीं, विक्रांत, मोनू और अर्जुन के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अदालत के फैसले के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड में दोषियों को सजा मिल गई है।







