पंजाब। अमृतसर बी डिवीजन थानाक्षेत्र स्थित तेज नगर में विवाहिता के सुबह देरी से उठने पर हुए विवाद ने खूनी रुप धारण कर लिया। युवती के ससुर ने अपने समधी और उसके नाबालिग बेटे की गोलियां मारकर हत्या कर दी। रविवार रात हुए इस दोहरे हत्याकांड में समधी ने सोमवार दोपहर श्री गुरु रामदास जी अस्पताल में दम तोड़ा। जबकि उसके नाबालिग बेटे की जीटी रोड स्थित अमनदीप अस्पताल में शाम करीब सात बजे मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी समधी हरजीत सिंह निवासी तेज नगर को पुलिस ने गिरफ्तार कर पिस्तौल कब्जे में लेकर उस पर डबल मर्डर का केस दर्ज कर लिया है। दोनों मृतकों की पहचान दलजीत सिंह (55) व गुरप्रीत सिंह (17) निवासी तेज नगर चौक के रूप में हुई है। इलाकावासियों ने बताया कि रविवार रात हरजीत सिंह और दलजीत सिंह में तकरार हुई थी।
तेज नगर चौक निवासी मृतक दलजीत सिंह के भाई गुरजीत सिंह ने बताया कि उनके भाई ने छह माह पहले अपनी बेटी की शादी संधू बिल्डिंग मैटीरियल के मालिक हरजीत सिंह संधू के बेटे नवजोत सिंह निवासी तेज नगर से की थी। बेटी अब गर्भवती थी। दोनों परिवारों में गर्भवती विवाहिता के सुबह देरी से उठने पर विवाद हो गया था। ससुराल वालों को नाराजगी थी कि गर्भवती विवाहिता को सुबह छह बजे उठना चाहिए। जबकि वह सुबह करीब आठ बजे उठती है।
वहीं लड़की पक्ष का कहना है कि नई-नई शादी हुई है। सब ठीक हो जाएगा, बेटी गर्भवती भी है, इसलिए उसका ख्याल रखा जाना चाहिए। बस इसी बात पर दोनों पक्ष भिड़ गए। रविवार शाम उसे पत्नी के साथ कहीं घूमने जाना था। इस दौरान उन्हें फोन आया कि उसके भाई दलजीत सिंह को गोलियां लगी हैं। वहां पहुंचा तो पता चला कि दलजीत सिंह के 17 वर्षीय बेटे गुरप्रीत सिंह को भी हरजीत सिंह ने गोलियां मारी हैं। इसके तुरंत बाद पड़ोसियों ने तुरंत बाप-बेटे को श्री गुरु रामदास जी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दलजीत सिंह को मृत बता दिया। जबकि बेटे की सोमवार शाम करीब सात बजे अस्पताल में मौत हो गई।
सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह ने बताया कि तेज नगर में गुरप्रीत सिंह और उसके पिता दलजीत सिंह की पारिवारिक विवाद में गोलियां मारकर हत्या की गई है। इसमें मुख्यारोपी को गिरफ्तारी कर लिया है। वारदात के दौरान इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।







