नई दिल्ली- फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित आवास पर हुई फायरिंग की घटना में पकड़े गए दो नाबालिगों को असल में यह तक नहीं बताया गया था कि उनका निशाना कौन है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की गई पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों किशोरों को सिर्फ फायरिंग करने और मोटी रकम मिलने का वादा किया गया था, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वे एक सेलिब्रिटी के घर पर हमला करने जा रहे हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि दोनों किशोर बागपत के बड़ौत क्षेत्र के रहने वाले हैं और इनका संपर्क अरुण नामक युवक से था, जो इस फायरिंग का मास्टरमाइंड था। अरुण ने ही उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा के इशारे पर इस काम में शामिल किया था। अरुण ने दोनों को बताया था कि “तुम नाबालिग हो, पकड़े गए तो कुछ नहीं होगा”, और बदले में 4-5 लाख रुपये देने का लालच दिया।
पहले से नहीं था कोई आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए दोनों किशोर पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहे थे। इसीलिए जब फायरिंग की गई तो वे घबराहट में लक्षित तरीके से गोली नहीं चला सके। घटना के बाद जब कोई खास प्रतिक्रिया नहीं हुई, तो अगले दिन खुद अरुण और रविंद्र ने दोबारा फायरिंग की, जिसमें बाद में मुठभेड़ के दौरान दोनों मारे गए।
इससे पहले भी रविंद्र का नाम कई मामलों में सामने आ चुका है। 2024 के अंत में, उसने हरियाणा के फतेहाबाद में कुख्यात बदमाश रवि जासी को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश की थी, जिसमें एक बड़ा एनकाउंटर हुआ था और रवि जासी समेत एक अन्य नाबालिग की मौत हुई थी।
फायरिंग से पहले की थी रेकी, बाइक भी खुद की
पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग से पहले दोनों नाबालिगों ने अभिनेत्री के घर की दो-तीन दिन रेकी की थी। फायरिंग के लिए उन्होंने अपनी ही स्प्लेंडर बाइक का इस्तेमाल किया। इससे साफ है कि उन्हें पूरी साजिश में सिर्फ एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया, जिसके पीछे असली खेलबाज थे गैंगस्टर।
बरेली पुलिस ने दिल्ली से जुटाए साक्ष्य, कोर्ट में पेशी की तैयारी
इस मामले की जांच कर रही बरेली पुलिस अब दिल्ली पहुंच चुकी है। विवेचक गौरव अत्री ने दिल्ली में दोनों किशोरों के बयान दर्ज किए हैं। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की जांच में भी दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है।
बरेली के सीजेएम कोर्ट में इन दोनों किशोरों के ‘बी वारंट’ की अर्जी लगाई जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें बरेली लाकर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस की कोशिश है कि घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की जाए।
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग का लिंक
पुलिस का मानना है कि यह हमला गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के नेटवर्क का हिस्सा था। 11 और 12 सितंबर की रात को दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग ने यह संकेत दिया कि फिल्मी हस्तियों को भी अब अंडरवर्ल्ड के निशाने पर लाया जा रहा है, और इसमें मासूम दिखने वाले नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा है।







