नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन पार्सल फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने पीड़ित को अमेरिकी डॉलर और सोने से भरा विदेशी पार्सल भेजने का झांसा देकर कस्टम क्लीयरेंस और मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट के नाम पर 1.46 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छापेमारी कर एक नाइजीरियाई महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
3 राज्यों में छापेमारी कर दबोचा सिंडिकेट पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, 31 मार्च को साइबर थाने में ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज की गई थी। एसीपी संघमित्रा की देखरेख और साइबर थाना प्रभारी प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने डिजिटल एविडेंस और बैंक खातों के वित्तीय विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया।
कार्रवाई करते हुए टीम ने दिल्ली के मैदान गढ़ी से दीपक कुमार (22), तेलंगाना से कोंडा सागर (33) व अजमीरा विनोद कुमार (30), और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से नाइजीरियाई नागरिक सिमियन मिरेकल चिनोनसो (22) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 7 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित साइबर सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे। नाइजीरियाई महिला व्हाट्सएप चैट और कॉल के जरिए खुद को अमेरिकी निवासी या कस्टम-इमिग्रेशन अधिकारी बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतती थी। वहीं, अन्य तीन आरोपी कमीशन के बदले गिरोह को ठगी की रकम घुमाने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (किराए के खाते) उपलब्ध कराते थे। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क का पता लगा रही है।







