जयपुर – राजस्थान के बारां जिले में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी बैंक खातों और दस्तावेजों के सहारे देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक, बारां निवासी एक दंपती को पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर निवेश के नाम पर झांसे में लिया गया। आरोपी महिला ने खुद को एक निजी कंपनी में कार्यरत बताकर भरोसा जीता और फिर टेलीग्राम के माध्यम से उन्हें एक ट्रेडिंग ऐप से जोड़ दिया। शुरुआत में निवेश पर मुनाफा दिखाकर विश्वास बढ़ाया गया, जिसके बाद दंपती से अलग-अलग किश्तों में करीब 92.75 लाख रुपये निवेश करवा लिए गए।
जब पीड़ितों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे विदेशी मुद्रा विनिमय शुल्क और ट्रेडिंग फीस के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गिरोह के नेटवर्क का खुलासा किया। सामने आया कि आरोपियों ने सामाजिक संस्था और चंदा अभियान के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, पासबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा रहा था।
पुलिस ने मामले में मध्यप्रदेश के कटनी निवासी चार्ल्स रोडरिग को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले से एक अन्य साइबर ठगी मामले में जेल में बंद था। पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के तार मुंबई से लेकर दुबई तक जुड़े हो सकते हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।







