नई दिल्ली। हर कीमत पर लीना को मौत की घाट उतारने के लिए गुरप्रीत ने साजिश रची। स्विटजरलैंड से दिल्ली बुलाने के बाद अपनी मंशा की भनक नहीं होने देने के लिए उसने झाड़-फूंक व काले जादू का भी सहारा लिया। 16 अक्तूबर की रात अकेले होने पर आरोपी ने काला जादू दिखाने का झांसा देकर लीना के हाथ-पैर चेन से बांध दिए। फिर गला घोंटने के दौरान चेन की पकड़ मजबूत रखने के लिए दोनों सिरों पर ताला लगा दिया। इसके बाद झाड़-फूंक के बहाने गला घोंट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद घर में खड़ी कार में शव छिपा दिया।
पुलिस ने शनिवार दोपहर आरोपी को अदालत में पेश किया। मामले की उलझी कड़ियां सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर मांगा। अदालत ने चार दिन का रिमांड दे दिया। पुलिस अब आगे पूछताछ कर हत्या की गुत्थी सुलझाएगी। इस दौरान उसके बयान की सत्यता की जांच होगी। गुरप्रीत को पकड़ने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रात 11 बजे पुलिस गुरप्रीत के घर पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी के दरवाजे को खटखटाया तो काफी देर तक परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। वह उन्हें बताते रहे कि यहां सिर्फ तीन लोग रहते हैं।
आरोपी के पिता, मां और बहन पुलिस को इधर उधर की बातें करते रहे। इस बीच आरोपी ने पीछे के रास्ते से भागने की कोशिश की। पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर रखा था। दरवाजा नहीं खोलने पर पुलिस ने घर की खिड़की को काटना शुरू किया। जब पुलिस ने खिड़की के रास्ते घुसने की कोशिश की तो परिजनों ने आरोपी को पीछे के रास्ते में भगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि गुरप्रीम के दिल्ली में कई मकान हैं। परिवार आठ साल से जनकपुरी बी ब्लॉक में तीन मंजिला इमारत के अपर ग्राउंड फ्लोर पर रह रहा था। परिजन किसी से बातचीत नहीं करते थे। सभी झगड़ालू हैं। परिवार हमेशा दरवाजा को बंद रखता था। सुबह के समय आरोपी के माता-पिता थैला लेकर कुछ देर के लिए बाहर निकलते थे। गुरप्रीम घर से बाहर मुंह पर कपड़े बांधकर निकलता था। अकसर घर में पूजा-पाठ होता था।
आरोपी के घर से 2.10 करोड़ रुपये मिले हैं। पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को इसकी सूचना दी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी कोई काम नहीं करता था। वह पहले प्रॉपर्टी डीलर था। वह कई दोस्तों से काफी पैसे ले चुका है। पिता भी कोई काम नहीं करते हैं। आरोपी के दिल्ली में 7 से 8 मकान हैं। इनसे आने वाले किराये से परिवार का भरण पोषण होता है। आरोपी के घर से दो करोड़ रुपये कहां से आए और दिल्ली में इतनी प्रॉपर्टी कैसे खरीदी आयकर विभाग की इसकी जांच करेगा।







