दिल्ली। दिल्ली के बिंदापुर इलाके में व्हाट्सऐप के जरिए नकदी बदलने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का द्वारका जिला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जिला एएटीएस की टीम ने एक फ्लैट में दबिश देकर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस को करीब 30 लाख रुपये की डमी करेंसी और 70 हजार रुपये की असली नकदी बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सऐप के जरिए इलाके के लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें 500 रुपये का नोट देने के बदले 100 और 200 रुपये के छोटे नोट लेने का प्रस्ताव दिया जाता था। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपी इसके साथ 20 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त रकम देने का लालच भी देते थे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद द्वारका जिला एएटीएस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। सूचना की पुष्टि होने पर टीम ने बिंदापुर स्थित एक फ्लैट में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिया गया और फ्लैट की तलाशी में बड़ी संख्या में डमी नोट तथा वास्तविक भारतीय मुद्रा बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ध्रुव को गिरोह का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है। वह मूल रूप से पटना का रहने वाला है और करीब एक सप्ताह पहले ही बिंदापुर के फ्लैट में रहने आया था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपने निशाने पर लिया था। साथ ही पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गिरोह में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं। डमी नोटों की सप्लाई और उन्हें लोगों तक पहुंचाने के तरीके की भी जांच की जा रही है।







