बिहार। बिहार में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के निर्देश पर राज्यभर में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क को निशाने पर लिया गया। पुलिस की कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
खगड़िया जिले में पुलिस ने आठ अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। साइबर डीएसपी निशांत गौरव के मुताबिक अलौली और गोगरी इलाके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा गोगरी, बेलदौर, परबत्ता और मानसी समेत अन्य इलाकों में भी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुछ लोगों को पीआर बॉन्ड पर फिलहाल छोड़ दिया है, लेकिन उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं दो संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
ईओयू की ओर से मई के पहले सप्ताह में चलाए गए इस अभियान के तहत पूरे बिहार में 31 साइबर अपराध से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक राज्यभर से करीब 50 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के मामलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई सुपौल जिले में हुई, जहां 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
साइबर डीएसपी निशांत गौरव ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक और नकली दस्तावेजों से बचने की सलाह दी गई है।







