नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस ने बिना सत्यापन किराएदार और घरेलू सहायक रखने वाले मकान मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों मकान मालिकों पर केस दर्ज किए जा चुके हैं और यह कार्रवाई लगातार जारी है।
दिल्ली के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा घर-घर जाकर किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आया कि कई मकान मालिकों ने बिना किसी पुलिस सत्यापन के ही लोगों को किराए पर रखा हुआ है, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चूक मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे ऑनलाइन या नजदीकी थाने में जाकर पूरा किया जा सकता है। सत्यापन के दौरान संबंधित व्यक्ति के स्थायी पते, पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसके बावजूद लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष पुलिस ने हजारों किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन किया है। इसके बावजूद कई मामलों में निर्देशों की अनदेखी सामने आई, जिस पर बिना सत्यापन रखने वाले सैकड़ों मकान मालिकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दिल्ली के सभी जिलों में अब तक लाखों लोगों का सत्यापन किया जा चुका है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन किराएदार या घरेलू सहायक रखने पर सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाता है। जांच में यह भी देखा जाता है कि लापरवाही जानबूझकर की गई या जानकारी के अभाव में। दोष सिद्ध होने पर जेल या जुर्माने का प्रावधान है।
गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने “आंखें और कान” अभियान भी तेज कर दिया है। इसके तहत आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, होटल संचालकों, दुकानदारों और अन्य वर्गों के लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि राजधानी में शांति और सुरक्षा बनी रह सके।







