बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग किशोरी की हत्या के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अपना पिता ही निकला। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लहरा-लाडपुर में 15 वर्षीय किशोरी सोनम उर्फ सोनी की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वारदात को अंजाम 19 दिसंबर की रात उसके पिता इकरार ने दिया और शव को सरसों के खेत में फेंक दिया।
10 दिन बाद खेत में मिला था शव
घटना का खुलासा 29 दिसंबर को उस समय हुआ, जब गांव के बाहर सरसों के खेत में किशोरी का क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां रिपोर्ट में गला रेतकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और परिवार के सदस्यों से सख्ती से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में पिता ने कबूला जुर्म
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक परिजनों पर गहराया। मृतका के पिता इकरार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी अपने प्रेमी के साथ बार-बार घर से भाग जाती थी, जिससे उसे समाज में अपमान और बदनामी का सामना करना पड़ रहा था। इसी बात से नाराज होकर उसने बेटी की हत्या कर दी।
हत्या में इस्तेमाल हंसिया बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हंसिया भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह शव को रात के अंधेरे में सरसों के खेत में फेंककर घर लौट आया। इसके बाद परिवार की ओर से न तो पुलिस में कोई शिकायत दी गई और न ही बेटी की गुमशुदगी की सूचना दी गई।
पहले गुमराह करता रहा परिवार
शुरुआत में परिजनों ने पुलिस को बताया था कि 19 दिसंबर की रात सोनम घर से कहीं चली गई थी और काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि पुलिस को शुरू से ही इस कहानी पर संदेह था। शव मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आ गई।
आरोपी जेल भेजा गया
बुधवार को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पिता को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।







