हिसार- हिसार के ठंडी सड़क क्षेत्र स्थित सुदामा नगर में रहने वाले आरा मशीन संचालक राजीव कालिया ने कथित रूप से फाइनेंसर की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। 45 वर्षीय राजीव के बेटे नकुल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नकुल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता लंबे समय से भिवानी जिले के रोहनात गांव निवासी विजेंद्र गिल से आर्थिक लेनदेन के चलते मानसिक तनाव में थे। राजीव ने 25 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को तीन पृष्ठों की लिखित शिकायत देकर विजेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत में राजीव ने उल्लेख किया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में विजेंद्र से 17 लाख रुपये उधार लिए थे, जो पूर्व पार्षद मान सिंह चौहान और प्रदीप गर्ग को दिए गए थे। राजीव ने खुद को इस लेनदेन में गारंटर बताया था। उन्होंने 2012 से 2018 तक हर महीने 7 प्रतिशत ब्याज नकद में चुकाया। 2018 में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ कि मूलधन लौटाने के बाद कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लिया जाएगा। बावजूद इसके, विजेंद्र ने लगातार दबाव बनाकर ब्याज वसूली जारी रखी।
राजीव ने शिकायत में यह भी बताया था कि विजेंद्र ने उनसे खाली चैक और बैंक पासबुक पर हस्ताक्षर करवा लिए थे और एक चैक बाउंस होने पर मामला दर्ज करवा दिया। उन्होंने विजेंद्र द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। 9 नवंबर को राजीव ने आत्महत्या कर ली।
जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विजेंद्र गिल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “राजीव मेरे पुराने सहपाठी थे और हमारे बीच कुछ वर्षों पहले पैसों का लेनदेन हुआ था, जिस पर समझौता हो चुका था। राजीव ने तीन चैक दिए थे जो बाउंस हो गए, इसलिए मैंने अदालत में केस दायर किया। पिछले तीन वर्षों से हमारा कोई संपर्क नहीं था। मुझे नहीं पता कि इस मामले में मेरा नाम क्यों लिया जा रहा है।”
वहीं एक अन्य व्यक्ति, जो पेशे से वकील हैं, ने कहा, “राजीव मुझसे कानूनी सलाह लेने आते थे, लेकिन उनके और विजेंद्र के बीच के लेनदेन की मुझे कोई जानकारी नहीं है। शिकायत में मेरा नाम क्यों आया, यह मुझे स्पष्ट नहीं है।”







