दिल्ली- दिल्ली के कृष्णानगर इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक तीन वर्षीय बच्चे का अपहरण उसके पड़ोसी ने सिर्फ इसलिए कर लिया क्योंकि बच्चे की मां ने शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। दिल्ली पुलिस और गुजरात रेलवे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के गांधी नगर इलाके की रहने वाली महिला ने 15 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसका तीन साल का बेटा लापता है। महिला ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाला सुधीर कुमार ठाकुर, जो कि हाल ही में उसके संपर्क में आया था, इलाज का बहाना बनाकर बच्चे को अपने साथ ले गया और फिर लौटकर नहीं आया।
महिला ने यह भी बताया कि सुधीर ने एक महीने पहले उससे शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे उसने बच्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते ठुकरा दिया था। इस इनकार से नाराज़ आरोपी ने 14 सितंबर को अपहरण की वारदात को अंजाम दिया।
तकनीक से मिली सफलता
शाहदरा के डीसीपी प्रशांत प्रिय गौतम के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक जांच टीम बनाई। जांच के दौरान 30 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई और कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला कि आरोपी ट्रेन से बिहार की ओर जा रहा है।
पुलिस ने सबसे पहले बिहार के आरा में दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। तब अचानक एक मोड़ आया, जब पीड़ित महिला सोशल मीडिया के ज़रिए आरोपी से वीडियो कॉल पर संपर्क करने में सफल रही। इसी कॉल के दौरान पुलिस ने लोकेशन की पुष्टि की कि आरोपी इस समय सूरत रेलवे स्टेशन पर मौजूद है।
सूरत में गिरफ्तारी और बच्चे की रिहाई
इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने सूरत में रेलवे पुलिस (GRP) के साथ मिलकर कार्रवाई की। सूरत रेलवे स्टेशन से आरोपी को धर-दबोचा गया और बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बच्चे को परामर्श और सुरक्षा जांच के बाद उसकी मां को सौंप दिया गया है। वहीं आरोपी को सूरत की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया, जहाँ उसे स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आरोपी का बैकग्राउंड
गिरफ्तार सुधीर कुमार ठाकुर बिहार के भोजपुर (आरा) जिले का रहने वाला है और उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।







