पीसी-पीएनडीटी टीम की सटीक योजना से सामने आया अवैध भ्रूण परीक्षण और गर्भपात का नेटवर्क
हरियाणा। झज्जर जिले में पीसी-पीएनडीटी टीम ने एक बड़े खुलासे में अवैध लिंग जांच और गर्भपात कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के तहत मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता और उसके बेटे विक्रम को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में सामने आया कि गिरोह भ्रूण लिंग की जानकारी देकर गर्भपात कराता था।
सिविल सर्जन झज्जर को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर जिला समुचित प्राधिकरण ने एक टीम गठित की, जिसमें पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आकृति हुड्डा, डॉ. हर्षदीप और विनोद कुमार शामिल थे। डीसीपी जसलीन कौर के निर्देश पर पुलिस टीम भी गठित हुई, जिसमें एसआई सतबीर और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए टीम ने एक फर्जी ग्राहक को तैयार किया, जो चार माह की गर्भवती थी। इस महिला ने 17 जुलाई को डॉ. हेमलता से संपर्क किया और बेटे की चाहत जताते हुए लिंग जांच की मांग की। बातचीत के दौरान सौदा 55 हजार रुपये में तय हुआ और उसे झज्जर स्थित शिव कॉलोनी बुलाया गया।
सौदा तय होने के बाद कई बार तारीख बदली गई। आखिरकार, 25 जुलाई को ग्राहक को निजी क्लीनिक बुलाया गया, जहां आशीष सैनी उर्फ सुरेश नामक व्यक्ति ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की। जांच में लड़की होने की बात बताई गई और अगले दिन गर्भपात की बात कही गई, जिसकी कीमत 25 हजार रुपये तय की गई।
हेमलता ने ग्राहक को स्कूटी पर बुलवाकर अपने बेटे विक्रम की मदद से घर लाया। तय इशारे पर पीसी-पीएनडीटी टीम मौके पर पहुंची। छानबीन में गर्भपात के औजार और दवाइयां बरामद हुईं। क्लीनिक पहुंचने तक आरोपी आशीष मशीन सहित फरार हो चुका था।
पुलिस ने डॉ. हेमलता, उसके बेटे विक्रम और आशीष के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एक्ट, एमटीपी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल हेमलता और विक्रम को गिरफ्तार कर लिया गया है।







