प्रयागराज। फाफामऊ के गद्दोपुर में पार्षद के चचेरे भाई शिव प्रसाद यादव (24) की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि हत्या की वारदात शिव के भतीजे आजाद यादव ने की। वहीं, आरोपी भतीजे का कहना है कि गलती से छत से फेंका गया सरिया गले में धंस गया। वह डर गया था। इसलिए चाचा को वही छोड़कर भाग गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले शिव प्रसाद फाफामऊ के मोरहूं गांव निवासी थे और घर से करीब दो किमी दूर स्थित मौसी के मकान में रहते थे। चार अगस्त की रात 9:30 बजे वह घर के भीतर मृत पड़े मिले थे। डीसीपी अभिषेक भारती खुद मामले की जांच पड़ताल में लगे।
इस दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोगों को चिह्नित किया गया जिनसे शिवप्रसाद का मिलना जुलना था। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी निकलवाई गई। देखा गया कि उनकी घटना वाले दिन किन लोगों से बातचीत हुई थी। इसमें आजाद का नंबर भी था जो घटना के आसपास के वक्त का था। उससे बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने इस बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार किया। हालांकि अपनी गतिविधियों से वह शक के दायरे में आ गया। उसने कई सवालों के गोलमोल जवाब दिए। संदेह के आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि उसकी एक युवती से लगातार बात होती थी। घटना वाली रात भी उसने युवती से बात की थी।







