नूंह- हरियाणा के नूंह जिले के इंदाना गांव में शनिवार को वाहन चोरी और साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची सीआईए तावडू टीम पर हिंसक हमला हुआ। कार्रवाई के दौरान आरोपियों और उनके परिजनों ने न केवल पुलिस टीम पर पथराव किया, बल्कि अवैध हथियारों से फायरिंग भी की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, हालांकि किसी की जान जाने की सूचना नहीं है।
गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान हमला
पुलिस जानकारी के अनुसार, टीम शनिवार सुबह इंदाना गांव में पंजाब, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के वांछित आरोपियों — आजाद, शाहिद, शाहरूख व अन्य की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। जैसे ही टीम ने आजाद के घर दबिश दी, उसने पिस्टल निकालकर पुलिस पर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली सिपाही समीर को नहीं लगी।
फायरिंग के बाद आजाद मौके से भागने की कोशिश करने लगा, इस दौरान उसकी पिस्टल गिर गई जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके बाद आजाद ने शोर मचाकर गांव के लोगों को उकसाया, और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण — जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं — वहां एकत्र होकर पुलिस पर पथराव करने लगे।
हालात हुए बेकाबू, पुलिस को करनी पड़ी हवाई फायरिंग
पथराव के दौरान आरोपी अरसद ने जेसीबी मशीन खड़ी कर पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की, जबकि खालिद और वसीम ने अवैध हथियारों से पुलिस टीम पर फायरिंग की। भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
13 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी फरार
पुलिस ने अब तक 50 से 60 अज्ञात सहित चार दर्जन से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। घटनास्थल से तीन महिलाओं समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी आजाद और उसके कुछ सहयोगी अभी फरार हैं। पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गांव में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहला मौका नहीं है जब इंदाना गांव में पुलिस टीम को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी दो महीने पहले मानेसर और पंजाब पुलिस की टीमों पर इसी गांव में हमला किया गया था, जब वे वाहन चोरी के एक मामले में कार्रवाई करने पहुंची थीं। तब भी आरोपियों को छुड़ाने के लिए स्थानीय लोगों ने हाथापाई की थी, लेकिन उस समय कोई केस दर्ज नहीं हुआ था।
पूर्व में की गई शिकायत भी बनी चर्चा का विषय
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आजाद ने करीब 20 दिन पहले सीआईए पुन्हाना टीम पर मारपीट का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस उच्चाधिकारियों और मानवाधिकार आयोग से की थी। उस वक्त कांग्रेस विधायक और डीएसपी से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।







