50 पुड़ियां स्मैक, ₹5000 नकद बरामद; पुलिस ने नेटवर्क को तोड़ने की कसम खाई
मुजफ्फरपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बार पुलिस के हत्थे दो ऐसी महिलाएं चढ़ीं, जो पहले से ही इस अवैध धंधे से जुड़े एक दोषी की बेटियां हैं। हैरानी की बात यह है कि पिता के जेल में रहने के बाद अब बेटियों ने उसी गोरखधंधे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
नगर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट इलाके में देर रात छापेमारी की गई। इस दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनके पास से स्मैक की पुड़ियां बरामद हुईं। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वे विजय छपरा गांव से यह नशीला पदार्थ ला रहे थे। इसी आधार पर अहियापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से दो बहनों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार की गई महिलाओं के पास से 50 से अधिक स्मैक की पुड़ियां और लगभग ₹5,000 नकद बरामद हुए। शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई कि ये महिलाएं स्थानीय नेटवर्क के जरिए स्मैक की आपूर्ति करती थीं और शहर के विभिन्न इलाकों में फैले ठिकानों से इसकी बिक्री होती थी। बालूघाट का मार्ग इस नशे की सप्लाई का मुख्य जरिया था।
एसपी विश्वजीत दयाल ने स्पष्ट किया कि नशे के इस जाल को तोड़ने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है और किसी भी कीमत पर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गिरफ्तार दोनों महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।







