मुरादनगर। खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कारोबारी से 35 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10.30 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।
एसीपी के अनुसार, पीड़ित इमरान 21 फरवरी को जमीन की रजिस्ट्री के सिलसिले में अपने परिचित फुरकान के साथ मोदीनगर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान योजनाबद्ध तरीके से उनसे 35 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने जांच के बाद गंगनहर क्षेत्र के पास से फुरकान और उसके साथी विनोद चौहान को गिरफ्तार किया।
ऐसे रची गई साजिश
पूछताछ में सामने आया कि फुरकान ने अपने साथियों विनोद और रामविलास के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। तय रणनीति के तहत फुरकान ने पहले इमरान से रकम अपनी कार में रखवाई और यह कहकर भरोसा दिलाया कि दूसरी पार्टी 45 लाख रुपये लेकर पहुंच रही है, जिसके बाद कुल 80 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय किया जाएगा।
इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य काले रंग की एसयूवी में पहुंचे और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए इमरान को हिरासत में लेने का नाटक किया। आरोपियों ने पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें गाड़ी में बैठा लिया और कुछ दूरी पर छोड़कर रकम लेकर फरार हो गए।
ऐसे खुला राज
ठगी का अहसास होने पर इमरान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ में पता चला कि वारदात के बाद रकम का बंटवारा किया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 10.30 लाख रुपये बरामद किए हैं। फरार आरोपी रामविलास की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।







