नोएडा- साइबर थाने की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को मध्य प्रदेश के भिंड जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी से 1.29 करोड़ रुपये की ठगी की थी। हैरानी की बात यह है कि दोनों आरोपी छात्र हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 48.95 लाख रुपये आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। इन खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से कुल आठ शिकायतें भी दर्ज हैं, जिससे इनके नेटवर्क के व्यापक होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, सूरजपुर निवासी एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए उनके सिम कार्ड को गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा बताया और कार्रवाई का डर दिखाया।
इसके बाद आरोपियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर पीड़ित को फर्जी जांच और ऑनलाइन कोर्ट की प्रक्रिया में उलझा दिया। रकम के सत्यापन के नाम पर धीरे-धीरे उनसे 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान भिंड निवासी नरेंद्र सिंह (23) और इंद्रेश सिंह (23) के रूप में हुई है। नरेंद्र बीएससी का छात्र है, जबकि इंद्रेश आईटीआई कर रहा है।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों एक साल पहले दिल्ली में पार्ट टाइम काम की तलाश में आए थे, जहां उनकी मुलाकात भिंड के ही आकाश सिंह नामक युवक से हुई। उसी ने इनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए और धीरे-धीरे इन्हें साइबर ठगी के नेटवर्क से जोड़ दिया।
जांच में यह भी पता चला है कि इन खातों के खिलाफ तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के ‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे में न आएं, क्योंकि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी नहीं की जाती।
सुरक्षा के लिए ध्यान रखें:
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
- खुद को अधिकारी बताने वाले अनजान कॉल्स से सतर्क रहें
- व्हाट्सएप या कॉल पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर भरोसा न करें
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें







