फिरोजाबाद। न्यायाधीश हरवीर सिंह ने 25 वर्ष पूर्व लाइसेंसी बंदूक से युवक की हत्या के दोषी दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों पर 50-50 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का तीनों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। घटनाक्रम थाना उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला तिलक नगर का 24 अक्तूबर 1999 का है। तिलक नगर निवासी स्वदेश उर्फ बड़े ने थाना उत्तर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके मकान में किराएदार रमेशचंद्र उपाध्याय से मकान एवं दुकान खाली कराने को लेकर बातचीत हो रही थी। इसी दौरान वह गाली गलौज करने के साथ पड़ोस में रहने वाले सुशील मिश्रा, अनिल मिश्रा एवं मनोज मिश्रा को बुला लाया।
सुशील मिश्रा ने लाइसेंसी रायफल एवं अनिल मिश्रा ने बंदूक व मनोज मिश्रा, रमेश चंद्र उपाध्याय के हाथ में तमंचे थे। गोली लगने से छोटा भाई संदेश उर्फ छोटे जमीन पर गिर गया। उपचार को जिला अस्पताल ले गए। वहीं डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अभियोग दर्जकर मामले की विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। करीब 25 वर्ष पुराने मामला सुनवाई को जिला जज हरवीर सिंह के न्यायालय में पहुंचा। न्यायालय में सुनवाई के दौरान नौ गवाहों की पेशी हुई।







