गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच ने लोहे के सरिये की सप्लाई में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में सरिया, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, तीन ट्रॉले और एक कार बरामद की है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में वेव सिटी थाना क्षेत्र में एक निर्माण कंपनी ने सरिया की कमी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि माल ढुलाई के दौरान वजन में तकनीकी छेड़छाड़ की जा रही थी। प्रारंभिक कार्रवाई में कुछ संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनसे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में पता चला कि गिरोह धर्मकांटे की डिजिटल तौल मशीन में गुप्त रूप से इलेक्ट्रॉनिक चिप फिट कर देता था। रिमोट कंट्रोल के जरिए वजन को वास्तविक से कम दर्शाया जाता था। उदाहरण के तौर पर, 100 कुंतल सरिये को रिकॉर्ड में 90 कुंतल दिखाया जाता था। इसके बाद बचा हुआ माल रास्ते में उतारकर दूसरे वाहन से ठिकाने लगाया जाता था।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में इसी तरीके से माल हड़पने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रॉलों का इस्तेमाल करता था ताकि पहचान से बचा जा सके। चोरी किया गया सरिया अन्य जनपदों में बेच दिया जाता था।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित आर्थिक अपराध के इस मामले में शामिल अन्य फरार सदस्यों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







