नई दिल्ली- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश योजनाओं का प्रचार कर लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देते थे और बाद में रकम हड़प लेते थे।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हरियाणा और राजस्थान की सीमा से संचालित हो रहा था। हाल ही में द्वारका निवासी 62 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे एक मोबाइल ऐप के जरिए शेयर मार्केट में निवेश कराने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी की गई। शुरुआत में आरोपियों ने छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीता, फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर संपर्क तोड़ दिया।
शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से कई एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों की पासबुक बरामद की गई हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर बनाकर खुद को निवेश सलाहकार बताते थे। वे अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाते थे और ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और बरामद बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनजान लिंक, ऐप या निवेश प्रस्तावों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन पर दें।







