बृहस्पतिवार सुबह करीब 8 बजे नीरज ने धीरज को कॉल कर ड्यूटी पर आने के लिए कहा। धीरज ने आधे घंटे में पैदल पहुंचने की बात कही। धीरज के नहीं पहुंचने से नीरज लगातार कॉल करते रहे। करीब 10:45 बजे किसी ने कॉल रिसीव कर धीरज के बुरी तरह घायल होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने ईकोटेक-12 की बंद पड़ी कंपनी के गहरे टैंक के बाहर अधमरी हालत में मिले धीरज को सामुदायिक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां दोपहर लगभग 12 बजे धीरज ने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि आरोपियों ने धीरज को टैंक के अंदर ले जाकर पिटाई की।
पिटाई से पहले कपड़े उतार दिए गए थे। लगभग पूरा शरीर डंडे नीला पड़ा था। धीरज के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर नीरज समेत परिजनों ने उसके मोबाइल पर कई बार कॉल की। इसी बीच किसी ने फोन रिसीव किया। उसने कहा कि तुम्हारा भाई लड़की के साथ लाइव पकड़ा गया है। फोन रिसीव करने वाले धमकी भरे लहजे में नीरज से घर का पता पूछा और मौके पर आने को लिए कहा। नीरज ने ड्यूटी का हवाला देते हुए आने में असमर्थता जताई। इस पर फोन रिसीव करने वाले ने अपने साथी को बाइक से सोसाइटी भेजने की बात कही।
हालांकि नीरज के पास कोई नहीं पहुंचा। वहीं पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद परिजन प्रेम प्रसंग में धीरज की हत्या की आशंका जता रहे हैं। साथ ही फोन रिसीव करने वाले पर ही वारदात का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों के मुताबिक धीरज की शादी हो चुकी थी। हालांकि कुछ समय पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।







