केस की तफ्तीश में लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ को लगाया गया। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। इनमें दो संदिग्ध दिखे। उनकी पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी मोहम्मद इरशाद और बिहार के मोतिहारी निवासी 38 वर्षीय दिनेश के रूप में की। दोनों को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अजय की हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि अजय की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पान-बीड़ी की दुकान (खोखा) थी। जिसे उसने मोहम्मद इरशाद को किराए पर दी थी। दावा है कि अजय 300 रुपए प्रतिदिन इरशाद से वसूल करता था।
जिससे इरशाद नाराज था। चूंकि दोनों आरोपी हर दिन अजय के साथ बैठते थे और शराब पीते थे। 8 सितंबर की रात जब अजय नशे में थे। दोनों ने अजय की हत्या की साजिश रची, जिससे कि रोज-रोज किराए के झंझट से छुटकारा मिल जाए। आधी रात को मोहम्मद इरशाद ने दिनेश के ऑटो-रिक्शा में कपड़े से अजय का गला घोंट दिया और शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा, क्राइम सीन से शराब की एक खाली बोतल, गला घोंटने के लिए इस्तेमाल गमछा बरामद किया है।







