अपराध की दुनिया में आठ माह पहले उतरा था रोमिल, काला राणा गैंग का सदस्य
हरियाणा। करनाल और गुरुग्राम की हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान वांटेड बदमाश रोमिल वोहरा को मार गिराया। यह आरोपी हाईप्रोफाइल हत्याकांड सहित तीन अन्य फायरिंग मामलों में शामिल था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के दो जवान भी घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, यमुनानगर के कांसापुर क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी का रहने वाला रोमिल वोहरा काफी समय से पुलिस की नजरों में था। अंबाला पुलिस ने भी उसे पकड़ने के लिए पूरे शहर में उसकी तस्वीरें चस्पा कर अलर्ट जारी किया था। रोमिल पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
जानकारी मिली है कि 13 जून को शाहाबाद में हुए शांतनु हत्याकांड में रोमिल वोहरा मुख्य आरोपी था। इसके अलावा, उसने 15 मई को व्यासपुर स्थित एक आईलेट्स सेंटर पर जमकर फायरिंग की थी, जिसमें लगभग 15 गोलियां चली थीं। इससे पहले 26 दिसंबर को खेड़ी गांव के लक्खा सिंह में और एक बार जगाधरी बस अड्डे के पास भी उसने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस ने बताया कि यह शातिर अपराधी अक्सर बस या ट्रेन की यात्रा के दौरान आसपास बैठने वालों के वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। इसके जरिये वह अन्य अपराधियों से संपर्क करता और पुलिस के ट्रेसिंग प्रयासों से बचता था। रोमिल बीए का छात्र था और करीब आठ महीने पहले ही अपराध की दुनिया में उतर आया था। शुभम पंडित के साथ संबंधों की वजह से वह काला राणा गैंग का हिस्सा बन गया था।







